कोरबा, कोरबा जिले को राज्य के बड़े 'स्पोर्ट्स हब' के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने खेलो इंडिया, स्थानीय प्रशासन और जिला खनिज न्यास संस्थान (DMF) फंड के तालमेल से खेल अधोसंरचना के विस्तार की व्यापक योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत इंदिरा स्टेडियम और शासकीय ईवीपीजी कॉलेज में दो इनडोर स्टेडियम, आवासीय ट्राइबल स्पोर्ट्स एकेडमी, हॉकी का एस्ट्रोटर्फ मैदान और सिंथेटिक रनिंग ट्रैक तैयार किए जाएंगे।
इंदिरा स्टेडियम में आवासीय ट्राइबल स्पोर्ट्स एकेडमी
टीपी नगर स्थित इंदिरा स्टेडियम में आदिवासी विकास विभाग द्वारा पूर्णतः आवासीय ट्राइबल स्पोर्ट्स एकेडमी की स्थापना की जा रही है। इस एकेडमी में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के चयनित खिलाड़ियों को रखा जाएगा, जहां उनके रहने, भोजन और निकटवर्ती स्कूल में नियमित शिक्षा के साथ विशेषज्ञ कोचों द्वारा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
प्रथम चरण में बालक वर्ग के लिए 40 सीटें तय की गई हैं, जिसके लिए पहले दौर के ट्रायल्स भी पूरे हो चुके हैं। बालिका वर्ग के लिए आगामी चरण में सीटें निर्धारित की जाएंगी। यहां मुख्य रूप से चार खेलों—एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो और तैराकी (स्विमिंग) का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्टेडियम का बहुआयामी विस्तार और आधुनिक सुविधाएं
इंदिरा स्टेडियम में पहले से बालको (BALCO) के सीएसआर फंड से 100 सीटों वाली स्पोर्ट्स एकेडमी संचालित है, जहां फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब उपलब्ध खाली भूमि का उपयोग कर निम्नलिखित नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी:
1 नया इनडोर स्टेडियम
हॉकी का अंतरराष्ट्रीय स्तर का एस्ट्रोटर्फ मैदान
1 सिंथेटिक रनिंग ट्रैक
अतिरिक्त बैडमिंटन कोर्ट और रात में मैचों के आयोजन के लिए आधुनिक फ्लड लाइट्स
ट्राइबल एकेडमी के खिलाड़ियों के लिए नए हॉस्टल भवनों का निर्माण
ईवीपीजी कॉलेज और स्कूलों में खेल सुविधाओं का विकास
शहर के प्रमुख शासकीय ईवीपीजी लीड कॉलेज परिसर में भी खेल सुविधाओं का पुनरुद्धार किया जाएगा। पूर्व में बने खराब हो चुके टर्फ विकेट के स्थान पर कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक अलग इनडोर स्टेडियम और सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, डीएमएफ फंड के तहत जिले के उन सरकारी स्कूलों को भी चिन्हित किया जा रहा है जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, ताकि वहां भी इनडोर खेल सुविधाएं तैयार की जा सकें।
कोरबा जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। जिले को प्रतिवर्ष 500 से 600 करोड़ रुपये का डीएमएफ फंड प्राप्त होता है। संशोधित दिशानिर्देशों के बाद प्रशासन इस राशि को खेलों के दीर्घकालिक ढांचे में निवेश कर रहा है।
कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के अनुसार, खेलो इंडिया और डीएमएफ फंड को कन्वर्ज (एकीकृत) करके जिले में खेल अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य आगामी एक वर्ष के भीतर इन सभी निर्माण कार्यों को पूरा कर खिलाड़ियों को समर्पित करने का है।
नए इनडोर स्टेडियम, एस्ट्रोटर्फ, सिंथेटिक ट्रैक और आवासीय ट्राइबल स्पोर्ट्स एकेडमी की शुरुआत से कोरबा के ग्रामीण व आदिवासी अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा। अधोसंरचना का यह विकास एक साल के भीतर जिले को छत्तीसगढ़ के अग्रणी खेल केंद्रों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा।
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