स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, निजी स्कूलों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और शिक्षकों की देखरेख में एल्बेंडाजोल (Albendazole) की दवा मुफ्त खिलाई जाएगी। जो बच्चे किसी कारणवश कल इस दवा का सेवन नहीं कर पाएंगे, उन्हें आगामी 'मॉप-अप दिवस' पर कवर किया जाएगा।
आयु के अनुसार तय की गई खुराक
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर आयु वर्ग के आधार पर खुराक निर्धारित की गई है:
- 1 से 2 वर्ष के बच्चों के लिए: आधी गोली (200 मिग्रा) पानी में पीसकर चम्मच से दी जाएगी।
- 2 से 19 वर्ष के बच्चों और किशोरों के लिए: 1 पूरी गोली (400 मिग्रा) चबाकर खाना अनिवार्य होगा।
बच्चों के विकास के लिए क्यों जरूरी है यह अभियान?
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बताया कि आंतों के कीड़े (SFC) बच्चों के शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों को सोख लेते हैं। इसके कारण बच्चे एनीमिया (खून की कमी), कुपोषण और शारीरिक व मानसिक कमजोरी का शिकार हो जाते हैं। नियमित रूप से कृमि मुक्ति की दवा देने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ती है और उनकी एकाग्रता व शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार होता है।
स्वच्छता की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने दवा के साथ-साथ आमजन से व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। इसके तहत भोजन से पहले हाथ धोना, नाखूनों को साफ रखना, खुले में शौच न करना और हमेशा जूते-चप्पल पहनना जैसी आदतें अपनाकर कृमि संक्रमण को पूरी तरह रोका जा सकता है।
खबरें नहीं सच का प्रहार


No comments:
Post a Comment