विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन सेवानिवृत्त प्रध्यापकों/वैज्ञानिकों को 90 प्रतिशत पेंशन राशि प्रदान की जा रही है उनके नियुक्ति आदेश में उल्लेखित सेवा शर्तों एवं उनके परिपालन में व्याप्त विसंगतियों को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय के लेखानियंत्रक एवं स्थानीय निधि संपरीक्षा, संचालनालय द्वारा आपत्ति दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उक्त प्रकरणों को मार्गदर्शन हेतु राज्य शासन को भेजा गया है और मानवीय आधार पर तात्कालिक कार्यवाही करते हुए अंतरिम राहत के रूप में 90 प्रतिशत पेंशन राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसी प्रकार अन्य विसंगतिपूर्ण लंबित पेंशन प्रकरणों का भी तेजी से निराकरण किया जा रहा है तथा इनका निराकरण होने पर संबंधित प्रध्यापकों/वैज्ञानिकों को पेंशन का तत्काल भुगतान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि विश्वविद्यालय में कार्यरत वैज्ञानिकों द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति आयु प्रध्यापक संवर्ग की तरह ही 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष निर्धारित करने की मांग के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रबंध मंडल से इसे पारित कराकर राज्य शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है जो कि अब तक अपेक्षित है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त प्रध्यापकों/वैज्ञानिकों को देय पेंशन राशि में महंगाई भत्ते की दर 55 प्रतिशत से बढाकर 58 प्रतिशत किये जाने का आदेश प्रसारित कर दिया गया है।
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