निजी काम करने से मना करने पर क्रूरता
पीड़ित छात्र ने लगभग तीन महीने पहले ही स्कूल में दाखिला लिया था। आरोप है कि सीनियर छात्र लगातार जूनियर्स पर बर्तन धोने, कपड़े साफ करने और पैर दबाने का दबाव बनाते हैं। पीड़ित छात्र द्वारा इन अनुचित मांगों को मानने से इनकार करने पर 14 तारीख की रात हॉस्टल वार्डन के जाने के बाद 7वीं के पांच छात्रों ने उसे कमरे में बंद कर लिया।
सीनियरों ने उसे एक हजार उठक-बैठक लगाने का फरमान सुनाया और रोने-गिड़गिड़ाने पर कपड़े टांगने वाले हैंगर से उसकी पिटाई की। डर के साए में छात्र ने 800 बार उठक-बैठक की, जिसके बाद वह बेसुध होकर गिर पड़ा।
प्रार्थना सभा में बिगड़ी तबीयत, ऑक्सीजन सपोर्ट पर पहुंचा छात्र
इस प्रताड़ना के दो दिन बाद, 17 तारीख की सुबह स्कूल की प्रार्थना सभा के दौरान पीड़ित छात्र अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे सुंदरगढ़ के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा।
अस्पताल पहुंचे पिता के अनुसार, होश में आने के बाद बच्चा बुरी तरह सहम गया। तबीयत में कुछ सुधार होने पर 18 तारीख को परिजन उसे घर ले गए। छात्र अब स्कूल जाने से बेहद डरा हुआ है।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सीनियर छात्रों के दबंग रवैये और शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना की शिकायतें पिछले कुछ समय से सामने आ रही थीं। परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल में सुरक्षा और निगरानी की भारी कमी है, जिसके चलते ऐसी घटनाएं घट रही हैं। प्रबंधन पर मामले को दबाने का भी आरोप लगा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जिला कल्याण अधिकारी विवेकानंद महंती ने स्पष्ट किया है कि यह घटना उनके संज्ञान में आ चुकी है। प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गहन जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
खबरें नहीं सच का प्रहार


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