विभिन्न विभागों के नियमों और प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में संबंधित विभागों के मंत्री और सचिव सदस्य होंगे। साथ ही जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को भी सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
आधिकारिकबयान
"पेसा और वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। छत्तीसगढ़ की लगभग एक-तिहाई आबादी आदिवासी समाज से जुड़ी है, ऐसे में उनकी परंपराओं, अधिकारों और विकास को ध्यान में रखते हुए पेसा कानून का आदर्श मॉडल विकसित करना सरकार का उद्देश्य है।" — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
मुख्यबिंदु
विभिन्न विभागों के नियमों में समन्वय के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति का गठन होगा।
जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
PESA और वन अधिकार अधिनियम (FRA) के प्रावधानों को एकीकृत दृष्टिकोण से लागू किया जाएगा।
जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सही जानकारी देने और भ्रम दूर करने के निर्देश दिए गए।
वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई।
खबरें नहीं सच का प्रहार


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