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रायपुर, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्यव्यापी उल्लास महापरीक्षा अभियान का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ का कुल परिणाम 89.44 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसमें प्रदेश के शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को नया आधार दिया है।

’परीक्षा परिणाम के प्रमुख आंकड़े’

        इस परीक्षा में कुल 3 लाख 93 हजार 661 परीक्षार्थी में से 3 लाख 52 हजार 089 शिक्षार्थी सफल घोषित हुए। महिला में 2 लाख 68 हजार 048 महिला सफलता परीक्षार्थियों में 2 लाख 41 हजार 593 उत्तीर्ण हुईं। पुरुष परीक्षार्थियों  1 लाख 25 हजार 531में से 1 लाख 10हजार 416 उत्तीर्ण घोषित किए गए है। 92 ट्रांसजेंडर परीक्षार्थियों में से 80 उत्तीर्ण हुए।

’7 जिलों ने हासिल की 100 प्रतिशत सफलता’

प्रदेश के बालोद, धमतरी, कबीरधाम (कवर्धा), खैरागढ़-छुईखदान, कोरिया, महासमुंद और सूरजपुर जिलों ने 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके अलावा रायपुर में 68.24 प्रतिशत, नारायणपुर में 64.19 प्रतिशत, मुंगेली में 62.94प्रतिशत और बीजापुर में 56.15 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे।

आत्मसमर्पित नक्सलियों और बंदियों ने कलम थाम रचा इतिहास

केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के अनुरूप नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और पुनर्वास पर दिए गए विशेष जोर का परिणाम इस परीक्षा में दिखाई दिया। 651 आत्मसमर्पित नक्सली बस्तर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और गरियाबंद जिलों के पुनर्वास केंद्रों में रह रहे, जिनमें से 651 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यधारा से जुड़कर उत्साहपूर्वक परीक्षा दी। विभिन्न जिला जेलों (नारायणपुर, सुकमा, कांकेर, मुंगेली, कोरबा, सक्ती और खैरागढ़-छुईखदान) से 190 बंदियों ने परीक्षा में भाग लेकर शिक्षा के जरिए सुधार का मिसाल पेश किया।

’उम्र को मात देकर बने प्रेरणास्रोत’

अभियान में पारिवारिक सहभागिता (पति-पत्नी, सास-बहू, दादा-पोता) के साथ-साथ बुजुर्गों का उत्साह देखने लायक था। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के धोबहर निवासी 86 वर्षीय श्री मोहन लाल गुप्ता और 75 वर्षीया श्रीमती लक्ष्मी सोनी ने परीक्षा देकर यह साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

’मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने दी बधाई’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए सभी अधिकारियों, शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बताया कि 15 अगस्त 2026 को पूरे प्रदेश में उल्लास महा-चौपाल का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने आगामी सितम्बर 2026 में होने वाली अगली उल्लास महापरीक्षा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

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