CG News/ गरियाबंद जिले में पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में की जा रही मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को बेनकाब किया है। ओडिशा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही 151 किलोग्राम गांजे की खेप को देवभोग इलाके में पुलिस ने जब्त कर लिया। तस्करों ने इस खेप को ट्रक के पहियों (टायरों) के भीतर बड़ी चालाकी से छिपा रखा था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹75 लाख है।
ट्रक के टायरों को काटकर निकाले गए पैकेट देवभोग क्षेत्र स्थित खुटगांव अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर गहन तलाशी ली। जांच के दौरान जब अधिकारियों को संदेह हुआ, तो उन्होंने ट्रक के टायरों की जांच की। ट्रक के कुल 6 टायरों के भीतर गांजे के पैकेट छिपाए गए थे। पुलिस ने टायरों को काटकर भीतर से 151 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया।
मध्य प्रदेश और ओडिशा के दो अंतरराज्यीय तस्कर अरेस्ट कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रोहित पांडे (निवासी मध्य प्रदेश) और रमेश नायक (निवासी ओडिशा) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ओडिशा से गांजे की खेप लेकर मध्य प्रदेश सप्लाई करने की फिराक में थे।
'ऑपरेशन निश्चय' के तहत नशा माफिया पर शिकंजा गरियाबंद जिले में अवैध नशीले पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन निश्चय' चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अंतरराज्यीय सीमाओं और चेकपोस्टों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 8 महीनों में 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत:
कुल 44 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
86 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
अब तक 1080 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹5 करोड़ 17 लाख है।
गरियाबंद पुलिस की इस सतर्कता से तस्करों का यह शातिराना तरीका नाकाम हो गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा ताकि जिले के रास्ते होने वाली अंतरराज्यीय नशा तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
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