कार्यक्रम की शुरुआत सेना के जवानों द्वारा भारत माता की आरती के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं ने सैनिक भाइयों को राखियां बांधकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। ‘जय जवान’ के नारों से पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा। खास बात यह रही कि जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजरों द्वारा तैयार की गई राखियों को एकत्र कर भारतीय सेना तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इन राखियों के साथ कवर्धा की बहनों की शुभकामनाएं और देश की रक्षा में जुटे जवानों के प्रति कृतज्ञता भी सीमा तक पहुंचेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं है। यह सैनिकों के प्रति विश्वास, सम्मान, आशीर्वाद और कृतज्ञता का भाव है। जो जवान अपने परिवार और अपनों से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, उनके लिए समाज की ओर से भेजा गया यह रक्षा सूत्र उनके मनोबल को और मजबूत करेगा।
’सीमा तक पहुंचेगा कवर्धा का संदेश’
‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ के माध्यम से विद्यार्थियों, महिलाओं और आम नागरिकों से भी सैनिकों के लिए रक्षा सूत्र एवं शुभकामना संदेश भेजने की अपील की गई। देश की सीमा पर तैनात जवान भले ही अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन देशवासियों का स्नेह और आशीर्वाद उनसे कभी दूर नहीं होता। कवर्धा से भेजी गई ये राखियां अब सीमाओं तक जाएंगी और हर धागा जवानों से यही कहेगाकृआप सरहद पर डटे हैं और पूरा देश आपके साथ खड़ा है।
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