बिलासपुर, बिलासपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में तालाब किनारे पिता के मोबाइल पर बात करने के दौरान दो मासूम बच्चे गहरे पानी में समा गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फोन पर बात में उलझा रहा पिता, गहरे पानी में उतरे बच्चे
घटना गुरुवार शाम की है। चिल्हाटी गांव के निवासी किसान भक्त प्रहलाद पैकरा अपने दोनों बेटों दीपू पैकरा और चींटू पैकरा के साथ गांव के तालाब पर गए थे। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बच्चों को किनारे छोड़कर प्रहलाद कुछ दूरी पर जाकर मोबाइल फोन पर बातचीत करने लगे।
इसी दौरान चींटू पैर फिसलने से तालाब के गहरे पानी में चला गया। छोटे भाई को डूबता देख बड़ा भाई दीपू भी उसे बचाने के लिए तालाब में कूद पड़ा। पानी गहरा होने के कारण दोनों भाई संभल नहीं सके और डूबने लगे। पिता के फोन पर व्यस्त होने के कारण उनका ध्यान बच्चों की ओर नहीं गया।
ग्रामीणों ने निकाला बाहर, अस्पताल में तोड़ा दम
तालाब में बच्चों को डूबता देख वहां मौजूद एक ग्रामीण ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और तालाब में छलांग लगाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला।
परिजन और स्थानीय लोग तुरंत दोनों मासूमों को पचपेड़ी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक जांच के बाद बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मस्तूरी अस्पताल रेफर कर दिया। मस्तूरी अस्पताल के चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दोनों भाइयों को मृत घोषित कर दिया।
पचपेड़ी थाना पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर मर्चुरी भेज दिया है। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद से चिल्हाटी गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
लापरवाही और ध्यान भटकने से हुए इस हादसे ने एक ही परिवार के दो चिराग बुझा दिए। यह घटना जलाशयों या खतरनाक स्थानों पर बच्चों की निगरानी को लेकर बरती जाने वाली सतर्कता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
खबरें नहीं सच का प्रहार


No comments:
Post a Comment