संसद की अनुमति के बिना बदलाव पर रोक
फेडरल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राष्ट्रपति के पास यह अधिकार नहीं है कि वह अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की मंजूरी के बिना व्हाइट हाउस में किसी भी तरह का बड़ा निर्माण या बदलाव कर सके।
प्रशासन को कानूनी विकल्प तलाशने का अवसर देते हुए कोर्ट ने इस फैसले पर 14 दिनों की अंतरिम रोक (स्टे) बढ़ाई है, ताकि ट्रंप प्रशासन इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा (रिव्यू) याचिका दाखिल कर सके।
$400M का विशाल प्रोजेक्ट और कानूनी विवाद
ट्रंप प्रशासन ने व्हाइट हाउस में एक बेहद भव्य और बड़ा नया बॉलरूम बनाने की योजना तैयार की थी, जिसकी अनुमानित लागत 400 मिलियन डॉलर तय की गई थी। हालांकि, इस निर्माण कार्य को लेकर कानूनी और संवैधानिक सवाल उठाए गए थे।
अदालत का मानना है कि व्हाइट हाउस देश की ऐतिहासिक और सार्वजनिक संपत्ति है। इसलिए किसी भी राष्ट्रपति द्वारा इसमें अपनी इच्छानुसार फेरबदल करना संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है।
फेडरल कोर्ट के इस कड़े रुख से राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्तियों पर संवैधानिक सीमाओं को एक बार फिर रेखांकित किया गया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वहां से ट्रंप प्रशासन को इस महत्वाकांक्षी बॉलरूम प्रोजेक्ट के लिए राहत मिलती है या नहीं।
खबरें नहीं सच का प्रहार


No comments:
Post a Comment