नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर देशभर में छिड़े बवाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर नया कानून लाने का ऐलान किया। पीएम ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार सख्त प्रावधानों वाला नया विधेयक पेश करने जा रही है। इस विधेयक पर शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी।
जल्द सदन से पारित कराने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार की कोशिश रहेगी कि इसे जल्द से जल्द संसद से पास कराया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पारदर्शी बनाया जा सके।
"पेपर लीक में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। नया विधेयक फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त और त्वरित सजा सुनिश्चित करेगा।" — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
क्या होंगे नए कानून के मुख्य प्रावधान?
सूत्रों के मुताबिक, नए विधेयक में दोषियों पर लगाम कसने के लिए कड़े नियम शामिल किए जा रहे हैं:
5 से 10 साल की जेल: पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले आरोपियों को 5 से 10 वर्ष तक की जेल हो सकती है। इसके तहत जमानत मिलना आसान नहीं होगा।
कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई: यदि किसी कोचिंग संस्थान या शिक्षक की संलिप्तता सामने आती है, तो संस्थान को तुरंत बंद कर दिया जाएगा और दोषियों को दोगुनी सजा मिलेगी।
आजीवन प्रतिबंध: पेपर सेट करने वाली एजेंसी या व्यक्ति के दोषी पाए जाने पर उसे पूरी व्यवस्था से हमेशा के लिए बाहर (ब्लैकलिस्ट) कर दिया जाएगा।
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