वन विभाग की टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच की। जांच में रैताल बीट के आरक्षित वन के कक्ष क्रमांक 154 में साही के अवैध शिकार की पुष्टि हुई। विवेचना एवं पूछताछ के दौरान ग्राम नवाडीह (खम्हरिया) के पांच व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों ने शिकार किए गए साही के मांस को काटकर आपस में बांटकर रखा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22666/05, दिनांक 13 जुलाई 2026 पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39, 50 एवं 51 के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की गई।
वन विभाग ने गिरधारी गोंड, लोकनाथ गोंड, नागेश्वर गोंड, सियाराम राजपूत एवं नरसिंह कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में डिप्टी रेंजर श्री नवीन शर्मा, वनरक्षक श्रीमती डीलेश्वरी कंवर, श्री नीलकंठ दीवान, श्री वीरेंद्र दीवान सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही।
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महासमुंद ,वन परिक्षेत्र बागबाहरा द्वारा संचालित सघन गश्ती एवं वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत वन विभाग ने साही (इंडियन पॉर्कुपाइन) के अवैध शिकार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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