एक सुराग और खुल गया पूरा नेटवर्क
इस कार्रवाई की शुरुआत एक मुखबिर की सूचना से हुई। पुलिस को खबर मिली थी कि सत्तीगुड़ी चौक के रहने वाले आयुष दास महंत के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल है। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आयुष को हिरासत में ले लिया। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने टूटकर अपने साथियों के नाम उगल दिए। उसने कबूल किया कि वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर अलग-अलग इलाकों से गाड़ियां चुराता था।
दोस्तों संग मिलकर आधी रात को देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आयुष ने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उसने सत्तीगुड़ी चौक से एक बजाज CT-100 बाइक पार की थी, जिसे उसने संबलपुरी के रहने वाले दशरथ खड़िया को महज 3 हजार रुपए में बेच दिया।
इसके बाद 7 जुलाई की रात उसने अपने दो साथियों विष्णु राठिया (24 वर्ष) और जलधर कुंवर (24 वर्ष) के साथ मिलकर सत्तीगुड़ी चौक से ही एक होंडा SP-125 मोटरसाइकिल पर हाथ साफ किया। गिरोह यहीं नहीं रुका। 10 जुलाई की रात आयुष ने अपने दो अन्य दोस्तों अमन खड़िया (19 वर्ष) और अमित भोय (20 वर्ष) को साथ लिया। इन लोगों ने चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के सिग्नल चौक से एक हीरो ग्लैमर बाइक चुराई और उसे संबलपुरी के नरसिंग चौहान को बेच दिया।
पुलिस ने सभी को भेजा जेल, गाड़ियां बरामद
मुख्य आरोपी आयुष के कबूलनामे के बाद पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने आयुष से होंडा SP-125 और दशरथ खड़िया से बजाज CT-100 बरामद की। वहीं, चक्रधरनगर पुलिस की मदद से नरसिंग चौहान के घर पर दबिश देकर चोरी की हीरो ग्लैमर मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सभी सात आरोपियों—आयुष दास महंत, विष्णु राठिया, जलधर कुंवर, अमन खड़िया, अमित भोय (चोर) और दशरथ खड़िया व नरसिंग चौहान (खरीदार)—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
खबरें नहीं सच का प्रहार


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