जानिए कैसे काम करेगा नया डिजिटल सिस्टम
फलेबोटोमी जोन और मरीजों को मिलने वाले लाभ
चिकित्सकीय भाषा में फलेबोटोमी का सीधा मतलब शरीर से खून का नमूना लेने की प्रक्रिया से है। एम्स ने इसके लिए बकायदा एक समर्पित जोन बनाया है, जहां सभी तरह के सैंपल इकट्ठा किए जाते हैं। इस पेपरलेस पहल से मरीजों को कई तरह के सीधे फायदे मिलेंगे:
हाथ में प्रिंटेड पर्ची लेकर घूमने और उसके खोने का डर हमेशा के लिए खत्म।
कागजी औपचारिकताएं कम होने से सैंपल कलेक्शन में लगने वाला समय बचेगा।
लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और पूरी प्रक्रिया सुरक्षित व पारदर्शी होगी।
कागज की खपत घटने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
बच्चों के लिए खास रूम और अधिकारियों का बयान
अस्पताल प्रशासन ने छोटे बच्चों की सहूलियत का भी विशेष ध्यान रखा है। डोम-1 में बच्चों के लिए एक अलग 'चाइल्ड-फ्रेंडली' सैंपल कलेक्शन रूम तैयार किया गया है। इस कमरे में ऑडियो-वीडियो स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि कार्टून या संगीत देखते हुए बच्चे बिना किसी डर या घबराहट के अपना ब्लड सैंपल दे सकें।
संस्थान के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने बताया कि एम्स रायपुर लगातार आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपना रहा है ताकि आम जनता को आसान स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकें। वहीं, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. (डॉ.) डी.के. त्रिपाठी ने कहा कि इस पेपरलेस व्यवस्था से रोजाना अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों का समय बचेगा और स्टाफ के लिए भी काम करना काफी सुगम हो जाएगा। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और ओपीडी के मरीज सीधे डोम-1 जाकर सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
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