नौनिहालों का स्वागत और उपहारों का वितरण
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद आत्मीय रही। मुख्यमंत्री साय ने पहली बार स्कूल कदम रखने वाले छोटे बच्चों का तिलक लगाया और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस दौरान कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के बच्चों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल बैग बांटे गए। कक्षा नौवीं की छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए साइकिल भी दी गई।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इनमें राज्य में पहला स्थान पाने वाली कु. पायल रजनी, सातवें स्थान पर रहे नैतिक आमटे और दसवें स्थान पर रहीं कु. श्रद्धा इंदौरिया शामिल हैं।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और आधुनिक सुविधाएं
संबोधन के दौरान सीएम साय ने सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि स्कूलों में स्मार्ट क्लास, नियमित पैरेंट्स-टीचर मीटिंग और न्योता भोज जैसे नए प्रयोग किए जा रहे हैं। युक्तियुक्तकरण के जरिए अब प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं बचा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे सुदूर इलाकों में एजुकेशन हब बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अभी 15 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, 24 नालंदा परिसर बन चुके हैं और दिल्ली में पढ़ने वाले छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए 200 सीटों का हॉस्टल तैयार है।
दुर्ग जिले के लिए मुख्यमंत्री की चार बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने इस मंच से दुर्ग जिले के युवाओं और छात्रों के लिए चार महत्वपूर्ण सौगातें देने की घोषणा की:
शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और बीईओ (BEO) दफ्तरों को मिलाकर एक आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन का निर्माण होगा।
दुर्ग शहर में एक सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा।
खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक फुटबॉल मैदान के साथ एथलेटिक्स ट्रैक तैयार किया जाएगा।
नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र और छात्राओं के लिए 100-100 सीटों वाले दो अलग-अलग हॉस्टल बनेंगे।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश और खगोल लैब का मुआयना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत स्कूल परिसर में कटहल, सिंदूरी और मौलश्री के पौधे लगाए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर न्योता भोज खाया और उनसे बातचीत की। उन्होंने स्कूल की एस्ट्रोनॉमी (खगोल विज्ञान) लैब का भी जायजा लिया और बच्चों के बनाए स्पेस मॉडल्स की तारीफ की।
समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकार स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है और लड़कियों के लिए 8 हजार से ज्यादा नए शौचालय बनाए गए हैं। कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, ईश्वर साहू, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय समेत तमाम जनप्रतिनिधि और आला अधिकारी उपस्थित रहे।
स्कूल शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले सालों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी सत्र के पहले ही दिन बच्चों को किताबें और यूनिफॉर्म मिल जाएं।
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