
रायगढ़, "अब हक की बात टेबल पर भी होगी और सड़कों पर भी" छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र/शिक्षक फेडरेशन के रायगढ़ जिलाध्यक्ष सी.पी. (राहुल) डनसेना ने शिक्षकों के मान-सम्मान और अधिकारों के लिए बड़ा बिगुल फूंक दिया है। 22 अगस्त को रायगढ़ जिले के हर एक विकासखंड में शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरेंगे और 'सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा' के जरिए अपनी आवाज शासन तक पहुंचाएंगे।
जिलाध्यक्ष सी.पी. डनसेना का खुला आह्वान: 'घर बैठने से नहीं मिलेगा हक'
रायगढ़ जिले के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पदस्थ हजारों शिक्षकों को एकजुट करते हुए जिलाध्यक्ष सी.पी. डनसेना ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं पर अब खामोश नहीं रहा जा सकता। उन्होंने कहा, "यह लड़ाई केवल एक ज्ञापन सौंपने की नहीं, बल्कि हर उस शिक्षक के आत्मसम्मान और भविष्य की है जो पूरी निष्ठा से स्कूल चला रहा है।" उन्होंने जिले के कोने-कोने से शिक्षकों से अपील की है कि वे 22 अगस्त को अपने-अपने विकासखंड में होने वाली पदयात्रा में पूरी ताकत के साथ शामिल हों।
TET की अड़चन और रुकी पदोन्नति पर कड़ा रुख
श्री डनसेना ने शासन के सामने मुख्य रूप से सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की बाध्यता खत्म करने का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि जो शिक्षक सालों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें पदोन्नति में इस नियम की वजह से अटकाना सरासर नाइंसाफी है। पूर्व नियमों के आधार पर वरिष्ठता क्रम तय कर रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को बिना किसी देरी के समय-सीमा में पूरा किया जाना चाहिए।
वेतन विसंगति और पुरानी पेंशन पर सरकार को याद दिलाई 'गारंटी'
पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को लेकर डनसेना ने स्पष्ट किया कि 'मोदी की गारंटी' (संकल्प पत्र) के वादे के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का पक्का समाधान होना ही चाहिए। प्रथम नियुक्ति तिथि से पूरी सेवा की गणना करते हुए क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और पुरानी पेंशन का पूरा लाभ देना शिक्षकों का जायज हक है।
प्रदेशभर में शिक्षक संवर्ग अपनी सेवाओं की सुरक्षा और वित्तीय विसंगतियों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत है। रायगढ़ जिला इकाई के अध्यक्ष के रूप में सी.पी. डनसेना लगातार मैदानी स्तर पर शिक्षकों को लामबंद कर रहे हैं, ताकि शासन स्तर पर त्वरित नीतिगत फैसले लिए जा सकें।
22 अगस्त को रायगढ़ जिले के सभी विकासखंडों में निकलने वाली यह पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण लेकिन बेहद असरदार होगी। सी.पी. डनसेना के नेतृत्व में शिक्षक वर्ग यह संदेश साफ करना चाहता है कि जब तक शिक्षकों को उनका वाजिब हक नहीं मिल जाता, न्याय की यह मुहिम रुकने वाली नहीं है।
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