रायगढ़ : छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष श्री सी पी डनसेना के सबल मार्गदर्शन और विकासखंड अध्यक्ष कमलेश बंजारे के नेतृत्व में आज रायगढ़ विकासखंड के सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी बरसों पुरानी एवं न्यायोचित मांगों को लेकर जोरदार हुंकार भरी। धरना-प्रदर्शन के बाद शिक्षकों के हुजूम ने एक विशाल जन-रैली निकाली और प्रशासनिक अमले को हिलाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़, श्री महेश कुमार शर्मा को माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षामंत्री एवं स्कूल शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
अन्याय के खिलाफ मुखर हुए शिक्षक
ज्ञापन में शामिल मुख्य एवं कड़े बिंदु
TET बाध्यता समाप्त हो और समयबद्ध पदोन्नति मिले: पूर्व से सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए उन्हें TET की बाध्यता से पूर्णतः छूट दी जाए। रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को तय समय-सीमा के भीतर वरिष्ठता के आधार पर तत्काल पूरा किया जाए।
'मोदी की गारंटी' के तहत वेतन विसंगति का हो स्थायी समाधान: संकल्प पत्र में किए गए वादे के अनुसार सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति तुरंत दूर की जाए। इसके साथ ही प्रथम नियुक्ति तिथि से पूरी सेवा अवधि की गणना करते हुए क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और पुरानी पेंशन (OPS) का शत-प्रतिशत लाभ दिया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शासन-प्रशासन ने उनकी प्राथमिक मांगों पर त्वरित संवेदनशील रुख अपनाते हुए नीतिगत आदेश जारी नहीं किए, तो यह लड़ाई केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में पूरा जिला और प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी, यदि 5 सितंबर तक उक्त संबंध में शासन के द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता है तो मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री की निज निवास की घेराव की जाएगी।
इस शक्ति प्रदर्शन रैली एवं ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के जिला व विकासखंड स्तर के दर्जनों शीर्ष पदाधिकारी, महिला प्रतिनिधि और सैकड़ों की तादाद में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
खबरें नहीं सच का प्रहार



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