वर्षा जल से भरी इन डबरियों से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि देखी जा रही है। वर्तमान में जिले की 4 अन्य डबरियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
जल संरक्षण के अलावा इन संरचनाओं का उपयोग आजीविका संवर्धन में भी हो रहा है। 14 डबरियों में मत्स्य पालन और कृषि आधारित गतिविधियाँ शुरू की गई हैं। किसान डबरियों की मेड़ों पर दलहन, तिलहन व अन्य फसलें उगाकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।
यह योजना जांजगीर-चांपा के ग्रामीण किसानों को वर्षभर सिंचाई का साधन उपलब्ध कराएगी। इससे किसान खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन और मेड़ों पर अतिरिक्त फसलें उगाकर अपनी आजीविका और आय को बेहतर बना सकेंगे।
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