ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) 2016 से ग्रामीण समुदायों के साथ मिलकर काम कर रहा है और 2026 में अपने दूसरे दशक में प्रवेश कर रहा है। 'इंडिया रूरल कोलोक्वी 2026' का छठा संस्करण देश के 6 राज्यों और नई दिल्ली में 8 दिनों तक आयोजित किया जा रहा है।
"छोटे किसान और स्वयं-सहायता समूहों की महिलाएँ ग्रामीण बदलाव की असली प्रेरक हैं। पहला कदम उठाने का उनका साहस असंख्य लोगों को बदलाव लाने वाला बनने के लिए प्रेरित करता है।" — राहुल भगत, सचिव, मुख्यमंत्री एवं गुड गवर्नेस एंड कन्वर्जेस विभाग, छत्तीसगढ़
"जहाँ कभी बदलाव मुश्किल लगता था, वहाँ प्यार और सच्ची कोशिशों से बदलाव आया। हर इंसान प्यार चाहता है और उन्हें बस ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत होती है जो उन्हें सच में समझे।" — बुद्री थाती, पद्मश्री पुरस्कार विजेता
"हर सरकारी योजना का असली क्रियान्वयन गांव के स्तर पर होता है। अगर गाँव के संस्थान मजबूत नहीं होंगे, तो विकास की गति सीमित ही रहेगी।" — भीम सिंह, सचिव, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़
इस पहल से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे किसानों और महिला स्वयं-सहायता समूहों को सीधी पहचान और संबल मिलेगा। जमीनी स्तर की समस्याओं पर आधारित नीतियाँ बनने से ग्रामीण आजीविका, स्थानीय शासन और सुविधाओं में सुधार होगा।
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