नए भवन को विशेष रूप से बच्चों के अनुकूल तैयार किया गया है। दीवारों पर फल-सब्जियों, अक्षर ज्ञान और रंग-बिरंगे चित्रों की पेंटिंग बनाई गई है। इससे बच्चों में आंगनबाड़ी आने के प्रति उत्साह बढ़ा है और प्रारंभिक शिक्षा के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हुई है।
यह केंद्र अब केवल पोषण आहार वितरण तक सीमित न रहकर बाल विकास, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और मातृ-शिशु परामर्श का मुख्य जरिया बन गया है। यहाँ गर्भवती और धात्री माताओं को स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जानकारी भी नियमित रूप से दी जा रही है।
मुंगेली जिले के ग्राम बछेरा में पुराना आंगनबाड़ी केंद्र पर्याप्त जगह न होने के कारण सीमित सुविधाओं में संचालित हो रहा था। मनरेगा के माध्यम से इस स्थायी सामुदायिक परिसंपत्ति का निर्माण कर ग्रामीण स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।
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