जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में जगदलपुर जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी हो गई है। बुधवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की अंतिम दलीलें (फाइनल आर्गुमेंट्स) दर्ज करने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में आगामी 31 अगस्त को अदालत का फैसला आने की संभावना है।
अंतिम बहस पूरी, 31 अगस्त को फैसले की संभावना
जगदलपुर जिला सत्र न्यायालय में बुधवार को विशेष सुनवाई हुई। इस दौरान राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से वकील अरविंद चौधरी ने गिरफ्तार आरोपियों के समर्थन में अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने मामले की पत्रावली बंद करते हुए 31 अगस्त के लिए निर्णय सुरक्षित कर लिया।
यह पूरा मामला 25 मई 2013 का है, जब बस्तर के झीरम घाटी इलाके में नक्सलियों ने कांग्रेस की 'परिवर्तन यात्रा' के काफिले पर घात लगाकर भीषण हमला किया था। इस हमले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं समेत कुल 27 लोगों की जान चली गई थी। हमले के बाद माओवादियों ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी।
घटना के बाद सुरक्षा में चूक के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच एनआईए को सौंप दी थी। एनआईए ने 40 मुख्य नामजद आरोपियों सहित 150 से अधिक संदिग्धों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई थी। जांच एजेंसी ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से विचारण (ट्रायल) के दौरान एक की मौत हो चुकी है, जबकि 10 आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
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