निधन की खबर मिलते ही समर्थकों, परिजनों और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं में शोक व्याप्त हो गया है। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम कुंजेमुरा में संपन्न कराया जाएगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा था परिवार
कुंजबिहारी सिदार का परिवार क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और प्रभावशाली रहा है। उनके पिता प्रेम सिंह सिदार लैलूंगा सीट से तीन बार विधायक निर्वाचित हुए थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य में सिदार परिवार की गहरी पैठ रही है। कुंजबिहारी सिदार अपने पीछे पत्नी विद्यावती सिदार, एक पुत्र अभिषेक सिदार और एक पुत्री प्रेरणा सिदार का परिवार छोड़ गए हैं।
राजनीतिक यात्रा और 2023 में मिली सफलता
विधायक विद्यावती सिदार भी लंबे समय से सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। वे पूर्व में जनपद सदस्य तथा जिला महिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष की जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुकी हैं। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में दावेदारी और 2020 में जिला पंचायत सदस्य (डीडीसी) चुनाव में पराजय के बाद भी उन्होंने क्षेत्र में अपना जनसंपर्क जारी रखा।
वर्ष 2023 के राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने विद्यावती सिदार को लैलूंगा सीट से उम्मीदवार बनाया। इस चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी सुनीति राठिया को 4,176 मतों के अंतर से पराजित कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में सिदार परिवार की राजनीतिक उपस्थिति दशकों पुरानी है। विधायक विद्यावती सिदार के ससुर प्रेम सिंह सिदार के तीन बार विधायक रहने और स्वयं विद्यावती सिदार के संगठनात्मक दायित्वों से लेकर विधायक बनने तक की यात्रा में कुंजबिहारी सिदार का परिवार हमेशा राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा।
कुंजबिहारी सिदार के आकस्मिक निधन से लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश कांग्रेस में शोक का माहौल है। विभिन्न कांग्रेस नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
खबरें नहीं सच का प्रहार


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