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कवर्धा,सावन माह में अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कबीरधाम जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पदयात्रा पर निकलने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक सेवा व्यवस्था की गई है। अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम सहित अमरकंटक से भोरमदेव तक के प्रमुख पड़ावों पर शिवभक्तों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मृत्युंजय आश्रम में अमरकंटक पहुंचने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के ठहरने तथा भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां भंडारा, प्रसादी और नाश्ते की सेवा निरंतर जारी है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सेवा केंद्रों पर स्वयंसेवक लगातार तैनात रहकर उनकी सहायता कर रहे हैं।

अमरकंटक से मां नर्मदा का जल लेकर कबीरधाम की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के समूहों से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आ रहा है। कंधों पर कांवड़ लिए शिवभक्तों के ‘बोल बम’ के जयघोष, भक्ति गीत और डमरू की थाप सावन की आस्था को और जीवंत बना रहे हैं। कठिन और लंबी पदयात्रा के बीच सेवा केंद्रों पर मिल रही सुविधाएं कांवड़ियों के लिए राहत का माध्यम बन रही हैं। शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अमरकंटक, खुड़िया, लमनी, डोंगरिया मेला परिसर, पुराना रेस्ट हाउस-छिरहा, राजानवागांव, धान खरीदी केंद्र, नया मंडी परिसर कवर्धा, अम्बेडकर भवन कवर्धा तथा भोरमदेव क्षेत्र सहित प्रमुख पड़ावों पर सेवा व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर कांवड़ियों के लिए निःशुल्क भोजन, स्वल्पाहार, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सेवा केंद्रों में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए लगातार सेवा में जुटे हुए हैं। कठिन यात्रा के दौरान विश्राम, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से कांवड़ियों को काफी राहत मिल रही है। श्रद्धालुओं ने सेवा व्यवस्था के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मार्ग में इस तरह की सुविधाएं मिलने से वे बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर पा रहे हैं। अमरकंटक से भोरमदेव तक की यह सेवा व्यवस्था सावन की आस्था के साथ सेवा, समर्पण और जनसहयोग की भावना को भी मजबूत कर रही है।

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