USA/ कैलिफोर्निया एनर्जी कमीशन (CEC) ने वाहनों के आफ्टरमार्केट (रिप्लेसमेंट) टायरों के लिए अमेरिका के पहले ऊर्जा दक्षता मानकों—'रिप्लेसमेंट टायर एफिशिएंसी प्रोग्राम' (RTEP) को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है।
दो चरणों में लागू होंगे नए नियम
आयोग ने टायर निर्माताओं को नई तकनीक अपनाने के लिए पर्याप्त समय देते हुए नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की समय-सीमा तय की है:
पहला चरण (1 जनवरी 2029 से):
इस तारीख के बाद निर्मित होने वाले सभी सामान्य रिप्लेसमेंट टायरों के लिए रोलिंग रेजिस्टेंस को अधिकतम 9.0 N/kN तक सीमित किया जाएगा। दूसरा चरण (1 जनवरी 2033 से):
मानकों को और सख्त करते हुए अधिकतम घर्षण सीमा को घटाकर 7.1 N/kN किया जाएगा।
| चरण (Phase) | प्रभावी वर्ष | प्रति टायर अनुमानित अतिरिक्त लागत | 4 टायरों के सेट पर ईंधन बचत (नेट लाभ) |
| चरण 1 (Phase 1) | 2029 – 2032 | ~$1.50 (करीब ₹125) | ~$85 (लगभग ₹7,000) |
| चरण 2 (Phase 2) | 2033 से आगे | ~$6.50 (करीब ₹540) | ~$179 (लगभग ₹15,000) |
उपभोक्ताओं के लिए 'लीफ' रेटिंग और सुरक्षा मानक
उपभोक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए नियमों में दो प्रमुख व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं:
'लीफ' (Leaf) रेटिंग सिस्टम:
टायरों की ऊर्जा दक्षता को आसानी से पहचानने के लिए एक स्पष्ट रेटिंग लेबलिंग प्रणाली शुरू होगी, जिससे ग्राहक कम ईंधन खपत वाले टायरों का चयन कर सकेंगे। वेट-ग्रिप (Wet-Grip) सुरक्षा मानक:
रोलिंग रेजिस्टेंस घटाते समय सड़क पर गीली स्थिति में ब्रेक लगने और ग्रिप की मजबूती से कोई समझौता न हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO) के सख्त सुरक्षा टेस्ट अनिवार्य किए गए हैं।
विशेष श्रेणी के टायरों को मिली छूट
नियमों को व्यावहारिक बनाने के लिए आपातकालीन वाहनों, 13 इंच से छोटे विंटेज पहियों, ऑफ-रोड टायरों, रेसिंग/मोटरस्पोर्ट्स टायरों और बर्फ पर चलने वाले विशेष विंटर टायरों को इस मानक से अलग रखा गया है।
अक्सर नई कार खरीदते समय उसमें लगे टायर ईंधन दक्षता के हिसाब से कस्टमाइज होते हैं, लेकिन जब वाहन मालिक पहली बार टायर बदलते हैं, तो बाजार में उपलब्ध 70% से अधिक सामान्य रिप्लेसमेंट टायर अधिक ऊर्जा खपत करते हैं।
हालांकि टायर उद्योग के कुछ प्रतिनिधियों ने निर्माण लागत बढ़ने और विकल्पों में कमी की आशंका जताई थी, लेकिन विशेषज्ञों और ऊर्जा आयोग के विस्तृत विश्लेषण में यह साबित हुआ कि टायर की मामूली शुरुआती लागत की भरपाई वाहन चालक महज 7 से 8 महीनों में पेट्रोल/बिजली की बचत से कर लेंगे।
कैलिफोर्निया का यह फैसला वैश्विक ऑटोमोबाइल और कंपोनेंट उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ टायर की तकनीक में सुधार कर ईंधन बचाने की यह नीति पर्यावरण संरक्षण और उपभोक्ता बचत दोनों मोर्चों पर प्रभावी साबित होगी।
FAQ
Q1: कैलिफोर्निया का 'टायर एफिशिएंसी' नियम कब से प्रभावी होगा?
यह नियम 1 जनवरी 2029 से पहले चरण में और 1 जनवरी 2033 से पूर्ण रूप से लागू होगा।
Q2: क्या नए नियमों से टायरों की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी?
नहीं, आयोग के अनुसार पहले चरण में प्रति टायर केवल लगभग $1.50 और दूसरे चरण में $6.50 का मामूली अंतर आएगा, जो ईंधन बचत के जरिए कुछ ही महीनों में वसूल हो जाएगा।
Q3: पर्यावरण को इससे क्या सीधा लाभ होगा?
इससे सालाना लगभग 20 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटेगा, जो 4 लाख पेट्रोल कारों को सड़कों से हटाने के बराबर है।
खबरें नहीं सच का प्रहार


No comments:
Post a Comment