भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्य सरकार की सिफारिश और बीमा कंपनियों की सहमति के बाद यह फैसला लिया। दरअसल, आवेदन के दौरान किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
कर्जदार और गैर-कर्जदार दोनों किसानों को मिलेगा लाभ
नई समय सीमा के तहत आवेदन करने वाले सभी पात्र ऋणी (लोन लेने वाले) और अऋणी (बिना लोन वाले) किसानों को योजना का पूरा फायदा मिलेगा।
सरकारी सब्सिडी: पात्र किसानों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रीमियम अनुदान का नियमानुसार लाभ दिया जाएगा।
समान अवसर: बैंक से क्रेडिट कार्ड या लोन न लेने वाले किसान भी इस मियाद का लाभ उठाकर अपनी फसलों का सुरक्षा चक्र हासिल कर सकते हैं।
कहाँ और कैसे करें आवेदन?
योजना का फायदा उठाने के लिए किसान अपनी सुविधा अनुसार कई माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है:
सेवा सहकारी समितियां और बैंक शाखाएं: किसान अपने नजदीकी सहकारी बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंकों में जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
सेवा सेतु केंद्र: डिजिटल माध्यम से फॉर्म जमा करने के लिए नजदीकी केंद्र का सहारा लिया जा सकता है।
स्थानीय अधिकारी: अधिकृत बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों या अपने क्षेत्र के 'ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी' से सीधे संपर्क किया जा सकता है।
प्राकृतिक आपदाओं में मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच
कृषि विभाग के उप संचालक आशुतोष श्रीवास्तव ने सभी किसान भाइयों से समय रहते अपनी खरीफ फसलों का बीमा कराने की अपील की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिले के सभी ब्लॉक में इस फैसले की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
यह योजना किसानों को बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि और चक्रवात जैसी अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाती है। फसल नष्ट होने की स्थिति में बीमा क्लेम के जरिए किसानों को आर्थिक संबल मिलता है।
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