दुर्ग, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मानसून सीजन के पहले डेंगू पॉजिटिव केस की आधिकारिक पुष्टि हुई है। भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-7 निवासी एक व्यक्ति की एलाइजा टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और प्रभावित इलाकों में रोकथाम की कवायद तेज कर दी गई है।
भिलाई में मिला पहला मामला, मरीज की स्थिति सामान्य
भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-6 और सेक्टर-7 से शुक्रवार को दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे गए थे। शनिवार को आई एलाइजा जांच रिपोर्ट में सेक्टर-7 निवासी मरीज के डेंगू संक्रमित होने का खुलासा हुआ।
संक्रमित मरीज का तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की हालत स्थिर और सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम मरीज की सेहत पर लगातार निगरानी रख रही है।
प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे और लार्वा नष्ट करने की मुहिम
पहला मामला सामने आते ही स्वास्थ्य कर्मियों की टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। टीम प्रभावित सेक्टरों और आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही है।
निरीक्षण के दौरान छतों, कूलरों, गमलों और जमा पानी के बर्तनों की जांच की जा रही है ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समय रहते चिन्हित कर नष्ट किया जा सके। साथ ही रहवासियों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
डेंगू का संक्रमण 'एडीज' (Aedes) प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर दिन के समय काटता है। यह मच्छर ठहराव वाले साफ पानी में पनपता है। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे खिंचाव, जी मिचलाना और त्वचा पर चकत्ते उभरना शामिल हैं। मानसून के मौसम में भिलाई और दुर्ग के विभिन्न क्षेत्रों में जलजमाव के कारण हर साल इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। कूलरों, पानी की टंकियों, गमलों और पुरानी टायरों में पानी जमा न होने दें। यदि परिवार में किसी को तेज बुखार या डेंगू के लक्षण महसूस हों, तो खुद इलाज करने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
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